स्कूल से कॉलेज तक कितनी लड़कियों को धोखा दिया?पत्नी को धोखा देकर दूसरी के चक्कर में कब-कब पड़ा? अब तक कितनी बार अपनी पत्नी से मारपीट की? पत्नी से किये गये वायदों में कौन-कौन से नहीं निभाये?राजनीति में क्यों आया, वही काम करता जो कर रहा था?राजनीति करनी ही थी, तो भाजपा ज्वाइन करता, ये पार्टी क्यों ज्वाइन की?पड़ोसी के साथ कितनी बार कहासुनी और मारपीट हुई?पड़ोसी के लड़के को पीटकर कितनी बार मामला थाने तक पहुंचा?क्लास में सहपाठियों के बस्तों से कितनी पेंसिल चुराईं?किन-किन स्कूलों के सीसीटीवी फुटेज से चोरी के सबूत मिल सकते हैं?स्कूल से कॉलेज तक कहीं कई फर्जी डिग्री तो नहीं?स्कूल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान कितनी बार क्लॉस बंक की?परीक्षा के दौरान कौन-कौन से पेपर में नकल मारी?अब तक पढ़ाई करके पास हुआ है या हमेशा नकल करके?देशभक्त पार्टी से ताल्लुक रखने वाले कितने नेताओं की मानहानि...
गुरुवार, 25 जून 2015
मंगलवार, 23 जून 2015
रिपोर्टर- हिंदू रक्षक संवाद
हिंदू रक्षक- हिंदू धर्म दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है।
रिपोर्टर- तो फिर आप लोगों को दूसरे धर्मों से इतना डर क्यों लगता है?
हिंदू रक्षक- क्या मतलब?
रिपोर्टर- मतलब ये क्या हिंदू धर्म इस्लाम और ईसाई को गाली देने से ही मजबूत होगा?
हिंदू रक्षक- नहीं हमारा धर्म तो पहले से ही मजबूत है।
रिपोर्टर- तो फिर इस्लाम और ईसाई धर्म से आपको इतनी मिर्ची क्यों लगती है?
हिंदू रक्षक- हमें भला मिर्ची क्यों लगेगी, हिंदू धर्म तो सबसे महान है।
रिपोर्टर- तो फिर आपको हमेशा ये डर क्यों लगा रहता है ईसाई और मुस्लिम हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करा लेंगे?
हिंदू रक्षक- हम भला क्यों डरने लगे?
रिपोर्टर- इस्लाम और इसाई धर्म में कुछ तो खास होगा कि हिंदू अपना धर्म छोड़कर उनको अपना लेते हैं?
हिंदू रक्षक- वो सब भटके हुए लोग हैं।
रिपोर्टर- इस्लाम और ईसाई धर्म छोड़कर तो कोई हिंदू नहीं बनता, मतलब आपके धर्म में ही कुछ...
गुरुवार, 7 मई 2015
''ऊपरवाला'' कुछ नहीं देख रहा है?

''ऊपरवाले'' के यहां देर और अंधेर तो पहले से ही था. अब पता चला कि वहां भ्रष्टाचार भी बहुत है. ऊपर बैठकर ''सब कुछ'' देखने के लिए भगवान ने जो सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे उनमें से ज्यादातर खराब पड़े हैं. जो कैमरे काम कर रहे हैं, वो घटिया क्वॉलिटी के कैमरे भी जल्द ही 'स्वर्ग सिधार' जाएंगे. लगता है भगवान ने सीसीटीवी लगाने का ठेका किसी भ्रष्ट इंजीनियर या भ्रष्ट ठेकेदार को दिया था. घटिया कैमरे लगाकर भोले-भाले भगवान जी को ठग लिया. मार्केट रेट से ज्यादा पैसा भी लिया, घटिया कैमरे भी लगा दिए और आफ्टर सेल्स सर्विस भी नहीं दी. हालांकि ठेका देने में भगवान पर भाई-भतीजावाद का शक नहीं किया जा सकता. वह तो मनमोहन सिंह की तरह सौ फीसदी ईमानदार हैं. लेकिन...
बुधवार, 25 जून 2014
...जब 'अच्छे दिन' से मुलाकात हो गई

अचानक मेरी नजर सड़क के उस किनारे पर गई जहां सैकड़ों लोग जमा थे। शायद उन लोगों ने किसी को घेर रखा था। भीड़ से जोर-जोर की आवाजें भी आ रही थीं। सब एक साथ बोल रहे थे लिहाजा किसी एक की बात को समझ पाना मुश्किल था। अपने और उनके बीच की दूरी भी उनकी बातें समझने में बाधक बन रही थीं। देखते ही देखते भीड़ के कारण आसपास जाम लग गया। अब मेरे लिए भी वहां से निकलना तकरीबन नामुमकिन हो गया था। उत्सुकतावश मैं भी उस भीड़ की ओर बढ़ गया। यह देखने के लिए कि आखिर यहां हो क्या रहा है?
नजदीक पहुंचा तो देखा लोगों ने सूट-बूट, टाई और ब्रॉन्डेड कपड़ों से लैस एक नौजवान को चारों तरफ से घेर रखा है। ''कौन है यह? सब इसके पीछे क्यों पड़े हैं?" मैंने भीड़ की तरफ सवाल उछालते हुए...
बुधवार, 8 मई 2013
राष्ट्रवादी की डायरी : पहला पन्ना

मैं एक राष्ट्रवादी हूं। राष्ट्रवाद की भावना मेरे अंदर कूट-कूट कर भरी है। इस भावना को पत्थर की तरह कूटा गया था या मिट्टी की तरह ये तो मुझे नहीं मालूम लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं की जीते जी ये भावना मेरे दिल से निकलने वाली नहीं, बल्कि ये दिनोंदिन बलवती होती जा रही है। आज से मैं अपनी डायरी लिख रहा हूं। इस डायरी के जरिये आप मुझसे, मेरे बैकग्राउंड से और मेरे देशप्रेम से ओतप्रोत विचारों से अवगत हो सकेंगे। आगे कुछ लिखने से पहले मैं अपना परिचय करा दूं। मेरा नाम आरएसएस भाई पटेल है। मेरे पिताश्री का नाम वीएचपी भाई पटेल था। वो गुजरात के रहने वाले थे। मेरा जन्म भी गुजरात में ही हुआ। परवरिश भी वहीं पर हुई।
पिताजी ने हमें बचपन से ही राष्ट्रवादी...
सोमवार, 29 अप्रैल 2013
चमत्कारी मोदी ताबीज-पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें

हाय, मेरा नाम...है। पहले मैं अपनी जिंदगी से बहुत परेशान रहता था। मेरा कोई भी काम ठीक से नहीं हो पाता था। कई बीमारियां घेरे रहती थीं। काफी इलाज करवाया। कोई फायदा नहीं हुआ। फिर मुझे किसी ने चमत्कारी 'मोदी ताबीज' के बारे में बताया। उस दिन के बाद से तो मेरी जिंदगी ही बदल गई। जिस दिन से मैंने श्रीश्री 1008 मोदी जी महाराज के नाम की ताबीज पहननी शुरू की उसी दिन से मेरी जिंदगी में चमत्कार शुरू हो गए। अचानक मैं खुद को काफी स्वस्थ महसूस करने लगा। आज मेरे दोस्त मुझे देखकर पहचान ही नहीं पाते कि मैं वही हूं। मुझे अब भी यकीन नहीं होता कि यह सब 'मोदी ताबीज' का कमाल है। लेकिन यही सत्य है। हालांकि 2002 में मेरे दादाजी ने मुझे 'मोदी ताबीज' के बारे में...
शनिवार, 25 अगस्त 2012
मैं 'मेरी कोम' को नहीं जानता
मेरी कोम! मैं तुम्हें नहीं जानता
मैं तुम्हें नहीं पहचानता.
क्योंकि तुम फिल्मी सितारों जैसी चमकती नहीं हो
संज-संवर कर अदा से दमकती नहीं हो.
तुम्हारी चाल 'हीरोइन' जैसी नशीली नहीं है
तुम्हारी अदा कैटरीना जैसी कटीली नहीं है.
तुम हिट फिल्म की हीरोइन की तरह नहीं इतराती.
फेयरनेस क्रीम बेचने की 'संभावनाएं' भी नहीं जगाती.
तुम्हारे चेहरे पर 'सुपर मॉडल' जैसी चमक नहीं है.
तुम्हारी आवाज में 'इंडियन आइडल' जैसी खनक नहीं है.
तुम अपनी कामयाबियों पर भी नहीं इठलाती.
जुल्फें संवारकर कैमरों के सामने नहीं आती.
तुम्हारी कमर में 'आइटम गर्ल' वाली लचक नहीं है.
'दर्शकों' को रिझा सके, वो कसक नहीं है.
तुम्हें तो 'स्टार पुत्रियों' की तरह
नखरे दिखाना भी नहीं आता है.
अफसोस! तुम्हारी त्वचा से
तुम्हारी उम्र का पता चल जाता है.
तुम टीवी शो में झलक भी नहीं दिखलाती.
बड़ी-बड़ी बातों से लोगों को नहीं भरमाती.
रियलिटी...