गुरुवार, 27 सितंबर 2007

आपरेशन सुंदरी--लाइव फ्राम झंडूपुरा

मैं हूं अर्चना। ब्रेक के बाद हमारे चैनल में एक बार फिर आपका स्वागत है। अब हम फिर चलते हैं अपने विशेष संवाददाता आकाश के पास। आकाश सुबह से ही मुजफ्फरनगर के झंडूपुरा गांव में मौजूद हैं। जैसा कि आपको मालूम होगा वहां विदेशी नस्ल की एक भैंस तड़के एक गड्ढे में गिर गई थी। इस खबर को सबसे पहले ब्रेक किया था हमारे संवाददाता आकाश ने। आकाश सुबह से ही हमें वहां के हालात से रूबरू करा रहे हैं। तो आइये अब आकाश से ही पूछते हैं कि क्या माहौल है झंडूपुरा का। जी, आकाश बताइये...आठ घंटे पहले जो भैंस गड्ढे में गिरी थी अब उसकी हालत कैसी है?
रिपोर्टर-अर्चना, सबसे पहले तो मैं बता दूं कि सुंदरी नाम की ये भैंस सुबह घास चरते वक्त वहां बने एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस बात का पता लोगों को तब लगा जब उस गहरे गड्ढे के आसपास से गुजरने वालो ने भैंस के जोर-जोर से रंभाने की आवाज सुनी। भैंस की जान खतरे में है यह खबर पूरे गांव में जंगल में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते यहां कई अखबारों के संवाददाताओं का जमवाड़ा लग गया। खबरिया चैनलों में यहां तक पहुंचने वालों में सबसे पहले हम थे (रिपोर्टर यह बताते हुये गर्व से भर उठा) उसके बाद ही दूसरे चैनलों में यह खबर चली। फिर तो यह खबर झंडूपुरा गांव से निकलकर पूरे देश तक जा पहुंची। अर्चना, मैं अपने दर्शकों को बताना चाहूंगा कि यहां दूर-दूर से लोग सुंदरी को देखने आ रहे हैं। हर किसी को बस एक ही बात की चिंता है कि सुंदरी को सही सलामत बचाया जा सकेगा या नहीं? लोगों में इस बात को लेकर रोष भी है कि अब तक यहां सेना नहीं पहुंची है। न ही मुख्यमंत्री ने अब तक सुंदरी की कोई खैर-खबर लेने की कोशिश की है। हां, इलाके के विधायक और सांसद जरूर मौके पर मौजूद हैं। हम उन्हीं से पूछते हैं कि वो सुंदरी को बचाने के लिये क्या कर रहे हैं। जी, विधायक जी पहले आप बताइये?विधायक- हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। खुद हमारे मुख्यमंत्री हमसे इस घटना की जानकारी मांग चुके हैं। हमें भरोसा है कि हम सुंदरी को जल्द ही मुसीबत से बाहर निकाल लेंगे। अच्छा सांसद जी आप बताइये? क्या बतायें? यह सरकार का निकम्मापन है कि सुंदरी अभी तक गड्ढे में ही है। राज्य में हमारी सरकार होती तो अव्वल तो गड्ढा ही नहीं होता। अगर गड्ढा होता भी तो उसमें भैंस नहीं गिरती। अगर गिरती भी तो उसे फौरन सही-सलामत बाहर निकाल लिया गया होता.....।अच्छा आकाश जरा हमें वहां के माहौल के बारे में बतायें। क्या माहौल है वहां का?
अर्चना, जैसा कि आप देख सकती हैं यहां हजारों की भीड़ है। लोगों ने पूजा अर्चना भी शुरू कर दी है। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हवन भी शुरू हो चुका है। मौके पर लोगों का आना लगातार जारी है। हालांकि बचाव कार्य को लेकर लोगों में अब रोष भी दिखने लगा है। सुंदरी को गड्ढे में गिरे आठ घंटे से भी ज्यादा हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक यह भरोसा नहीं है कि उसे बचा लिया जायेगा। अभी तक न तो खुदायी की मशीनें यहां पहुंची हैं औऱ न ही सेना का हेलीकाफ्टर दिखाई दिया है। जी, अर्चना? आकाश, आप वहीं मौजूद रहिये और पल-पल की अपडेट हमें देते रहिये। एक ब्रेक के बाद हम लगातार इस खबर पर बने रहेंगे। आप देखते रहिये....खबिरया, आपका चैनल-आपके लिये।

7 comments:

Udan Tashtari ने कहा…

सुन्दरी की ऐसी कवरेज!!!! वाह भई वाह!!!

kamlesh madaan ने कहा…

ये कहानी शायद 'कहानी बुनो
कॉलम से ली गयी है, मुझे ऐसा आभास हो रहा है

-कमलेश मदान

काकेश ने कहा…

अच्छी लगी आपकी कवरेज.

http://kakesh.com

रवीन्द्र रंजन ने कहा…

उड़न तश्तरी, काकेश जी आशियाने में आने के लिये आपका शुक्रिया। कमलेश जी आपका भी। कमलेश जी मैंने तो बस यूं ही जो दिमाग में आया लिख दिया। बुनो कहानी में आपने क्या पढ़ा है, मैं नहीं जानता। लेकिन अब मैं भी उसे पढ़ना चाहूंगा। कृपया उसका लिंक बताने का कष्ट करें।

जगत चन्द्र पटराकर 'महारथी' ने कहा…

बहुत अच्छी रचना है महाराज

nalini ने कहा…

operation sundari k coverage ka safar bahut accha laga. aapne news channels k cut- throat competition par bahut accha vyang kiya hai.. is baat ki jyada khushi hui ki khud news channel se jude hone k bawzood apko pata hai aap esi kai subject ya kahe stories ko dikhaten hai jo kewal trp ka khel hote hain. all the best

कंचन सिंह चौहान ने कहा…

sahi baat sahi andaz! Good!

 
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