शुक्रवार, 29 जून 2007

क्षणिका

(1)
वह अपने दिल पर
पत्थर रख कर सो गया
ये सोचकर
कि कहीँ
ज़ज्बात की आंधी आये
और...
उसे उडा ना ले जाये।
(2)
वो मिटा दें अपने वजूद को
ये उनकी मरजी है
रहते हैं आँधियों में
और...
हवा से एलर्जी है।
(3)
ख्वाब को उस शख्स ने
हक़ीक़त में बदल दिया
तारों को तोड़ लाया
और ...चांद पर घर लिया.(1999)

 
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